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Repo Rate & Reverse Repo Rate: क्या होता है रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट? जानिए पूरी डिटेल

Repo Rate & Reverse Repo Rate: क्या होता है रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट? जानिए पूरी डिटेल | Bankersadda Hindi_1.1

Repo Rate and Reverse Repo Rate: भारत में रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट (Repo Rate and Reverse Repo Rate) भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) द्वारा निर्धारित की जाती है. इसका निर्णय समिति की द्विमासिक बैठक में लिया जाता है. आरबीआई के गवर्नर आंतरिक मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के सदस्यों और तकनीकी सलाहकार समिति के समर्थन और सलाह पर मौद्रिक नीति निर्णयों को नियंत्रित करते हैं. दोनों दरें आरबीआई द्वारा द्विमासिक मौद्रिक नीति समिति पर निर्धारित की जाती हैं. रेपो दर बाजार में मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में मदद करती है और वहीं दूसरी ओर रिवर्स रेपो दर बाजार में पैसे की आपूर्ति को नियंत्रित करने में मदद करती है. इस आर्टिकल में, हमने रेपो दर और रिवर्स रेपो दर से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है.



रेपो रेट क्या है (What is Repo Rate?)

जिस प्रकार किसी व्यक्ति को पैसे की जरुरत होती है और उसके अकाउंट में पैसा न होने पर वो बैंक से कर्ज लेता है, जिसपर ब्याज भी चुकानी पड़ती है. ऐसे ही बैंक भी अपनी जरुरत के अनुसार RBI से उधार ले सकते हैं, यह कर्ज उन्हें जिस ब्याज दर के साथ चुकाना होता है, उसे रेपो रेट कहते  हैं.  Commercial banks RBI से कर्ज तब लेते हैं  पैसे की कमी होती है और लोन की मांग अधिक होती है. इसलिए बाजार की मांग को पूरा करने के लिए वाणिज्यिक बैंक आरबीआई से पूंजी प्राप्त करने के लिये रेपो दर के अनुसार उधर लेते हैं. रेपो रेट इंस्ट्रूमेंट का इस्तेमाल आरबीआई द्वारा मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए भी किया जाता है. जब भी बाजार में अतिरिक्त पैसा होगा, आरबीआई उस अतिरिक्त धन को अवशोषित करने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए रेपो दर में वृद्धि करेगा.



रेपो रेट का आम आदमी पर क्या असर पड़ता है – (repo rate Impact on people?) –

अगर बैंक को कम ब्याज दर पर RBI से लोन मिलेगा, उससे ग्राहकों को भी सस्ते ब्याज दर पर कर्ज मिलता  है. अर्थात रेपो रेट कम होने पर पर्सनल लोन, होम, कार लोना पर भी कम ब्याज देना होगा, जबकि अगर रेपो रेट बढ़ता है तो बैंक भी आपसे अधिक ब्याज वसूलेंगे.

Example of Repo Rate: रेपो रेट एक तरह वह वैसा है जैसे वाणिज्यिक बैंक अपने ग्राहकों से होम या कार लोन के लिए ब्याज लेते हैं.

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क्या होता है रिवर्स रेपो रेट ? (What is Reverse Repo Rate?)

जब Commercial banks दिनभर के काम काज के बाद बची हुई रकम को RBI के पास जमा कर देता है, जिस पर RBI बैंक को ब्याज देती है. Commercial banks द्वारा रखी गई इस रकम पर, जिस ब्याज दर पर RBI ब्याज देता है उसे रिवर्स रेपो रेट कहा  जाता है. यह हमेशा रेपो रेट से कम होता  है. 

आम आदमी पर रिवर्स रेपो रेट में बदलाव का असर (Reverse Repo Rate Impact on people)

जब कभी बैंकों के पास नगद ज्यादा हो जाता है तो देश में महंगाई बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है, ऐसे में RBI रिवर्स रेपो रेट बढ़ा देता  है, जिससे Commercial banks ज्यादा से ज्यादा रकम RBI के पास ब्याज कमाने के लिए रख दें. जिससे बैंकों के पास बाजार में बांटने के लिए कम रकम रह जाती है और महंगाई का खतरा कम हो जाता है.

Example of Reverse Repo Rate: जब बैंक अतिरिक्त धन उत्पन्न करते हैं, तो वे अतिरिक्त लाभ के लिए आरबीआई में धन जमा कर सकते हैं.

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Difference between Repo Rate and Reverse Repo rate

रेपो रेट और रिजर्व रेपो रेट (repo rate and reserve repo rate ) दोनों का निर्धारण आरबीआई गवर्नर की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) द्वारा किया जाता है. यहां हमने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट के बीच अंतर प्रदान किया है, जिसे उम्मीदवार नीचे दी गई टेबल में देख सकते हैं.

Repo rate

Reverse Repo
rate

रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI commercial banks को पैसा उधार देता है रिवर्स रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों से धन उधार लेता है
यह हमेशा रिवर्स रेपो रेट से अधिक होता है यह रेपो रेट से कम रहता है
इसका इस्तेमाल मुद्रास्फीति (inflation) और धन की कमी (deficiency of funds) को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है इसका इस्तेमाल नकदी-प्रवाह (cash-flow) को मैनेज करेने लिए किया जाता है
इसका उपयोग धन की कमी (deficiency of funds) को पूरा करने के लिए किया जाता है

Iइसका उपयोग अर्थव्यवस्था में तरलता (liquidity)का प्रबंधन करने के लिए किया जाता है

वर्तमान रेपो दर: 4.40%

वर्तमान रिवर्स रेपो दर: 3.35%

रेपो रेट आरबीआई को मुद्रास्फीति (inflation) को नियंत्रित करने में मदद करता है

रिवर्स रेपो रेट आरबीआई को मुद्रा आपूर्ति (money supply) को नियंत्रित करने में मदद करता है

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Repo Rate & Reverse Repo Rate: क्या होता है रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट? जानिए पूरी डिटेल | Bankersadda Hindi_3.1

FAQs: Repo Rate and Reverse Repo Rate

Q1. वर्तमान रेपो दर क्या है?

Ans.  मौजूदा रेपो रेट 4.40% है.

Q2. रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में क्या अंतर है?

Ans. आप ऊपर आर्टिकल में रेपो दर और रिवर्स रेपो दर के बीच अंतर को चेक कर सकते हैं.

Q3. रेपो रेट और रिजर्व रेपो रेट कौन तय करता है?

Ans. रेपो रेट और रिजर्व रेपो रेट आरबीआई गवर्नर की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) द्वारा निर्धारित की जाती है.

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