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Lockdown Zones : जानें रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में अंतर

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Lockdown 2.0: What are the differences in Red, Orange, Green zones?



कोरोना वायरस(Coronavirus) के चलते देश में लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया गया था. अब जब 3 मई नजदीक है ऐसे में यह प्रश्न फिर से उठने लगा है कि क्या lockdown को आगे बढ़ाया जा सकता है. देश भर में lockdown की वजह से देश भर में हर तरह का काम ठप हो गया है, जिससे अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ रहा है. इसी लिए लॉकडाउन को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाना आर्थिक स्थति को देखते हुए ठीक नहीं हैं, इसीलिए सरकार चरण बद्ध तरीके से लॉकडाउन में कुछ छूट प्रदान कर सकती हैं, छूट उन क्षेत्रों को दी जाएगी, जहाँ कोरना के मामले कम हैं. सरकार ने पहले से ही देश में कोरोना के मामलों को देखते हुए जिला स्तर पर रेड, ऑरेंज और ग्रीन तीन Zones में  बाँट दिया हैं. यह जोन कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या के आधार पर निर्धारित किये गए हैं. समय के साथ ये जोन अपडेट होते रहेंगे और जहाँ मामले एक भी नहीं होंगे वो ग्रीन जोन में आ जायेंगे.

इस मुश्किल दौर में जब गहन अन्धकार है ऐसे में उम्मीद की किरण के रूप में एक अच्छी खबर यह आई है कि देश के 8 राज्य अब कोरोना मुक्त हो गए हैं, और धीरे-धीरे देश भी कोरोना मुक्त जरुर होगा. कोरोना मुक्त 8 राज्यों के बारे में जानने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें –

ये हैं देश के कोरोना वायरस से मुक्त आठ राज्य

ये हैं देश के 170 हॉटस्पॉट जिले, जो कोरोना से सबसे ज्यादा हैं प्रभावित

lockdown में राहत देने के लिए गृह मंत्रालय ने गाइडलाइंस जारी की थी, जिसके साथ कोरोनावायरस के प्रभाव के आधार पर जिला स्तर पर पर क्षेत्रों को रेड आरेंज और ग्रीन जोन में बांटा गया है. भारत में अभी तक कुल COVID 19 के 33,184 मामले आ चुके हैं, जिसमें 1,081 लोगों की जान जा चुकी हैस्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताय कि देश के कुल  736 जिलों को इसी तरह अलग-अलग Zone में बांटा गया है. भारत में कुल जिले 736 है, जिसमें से  359 जिले ग्रीन Zone में वहीं 207 जिले ऑरेंज  और 170 जिले रेड जोन के अंतर्गत है.
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रेड जोन ( Red zone ) – 

इसके अंतर्गत वो क्षेत्र आते हैं, जो कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित हैं, इसके अंतर्गत 170 जिलों को रखा गया है. इसके अंतर्गत वो जगहें आती हैं, जो हॉटस्पॉट बने हुए हैं. रेड जोन को भी 2 भागों में बांटा गया है. पहले वो जहां कोरोना आउटब्रेक  हुआ है, दूसरे वो जहाँ कोरोना पॉजिटिव के मामले बहुत अधिक आये और कलस्टर बन गया. कोरोना आउटब्रेक में 123 वहीँ कोरोना कलस्टर में 47 जिले रखे गए हैं. 
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार रेड जोन के  अंन्तर्गत आने वाले क्षेत्र बिहार का सीवान, उत्तरप्रदेश के आगरा, नोएडा, मेरठ, लखनऊ गाजियाबाद, शामली, फिरोजाबाद, मोरादाबाद और सहारनपुर और  दिल्ली के दक्षिणी, दक्षिणी पूर्वी, शाहदरा, पश्चिमी उत्तरी और मध्य दिल्ली हैं, जो कोरोना आउटब्रेक वाले क्षेत्र हैं. दिल्ली का उत्तरी-पश्चिमी, बिहार का मुंगेर, बेगुसराय और गया, उत्तराखंड के नैनीताल और उधम सिंह नगर और उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर, सीतापुर, बस्ती और बागपत कलस्टर वाले जिलों में है.

ऑरेंज जोन(Orange zone)- 

इसके अंतर्गत वो क्षेत्र आते हैं, जहाँ कोरोना के मामले बहुत कम हैं और जो कोरोना हॉटस्पॉट से बाहर है. इसके अंतर्गत 207 जिले हैं. जहाँ भी रेड जोन जैसे कोई भी कोरोना वायरस का कंटेनमेंट प्लान लागू होगा और वहां किसी तरह की आर्थिक गतिविधि की इजाजत नहीं दी जाएगी.  

ग्रीन जोन (Green zone)

पूरी तरह से  कोरोना से मुक्त जिलों को ग्रीन जोन में रखा गया है. भारत के लिए यह ख़ुशी की बात है कि 359 जिले अभी भी कोरोना से सुरक्षित हैं. इन क्षेत्रों में social distancing और मास्क की अनिवार्यता के साथ आर्थिक व सामाजिक गतिविधियों की इजाजत मिलेगी. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 28 दिन तक कोरोना का एक भी मरीज सामने नहीं आने पर आरेंज जोन ग्रीन जोन में बदल जाएगा.

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