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IBPS PO 2016 – रीजनिंग के लिए क्या हो बेहतर रणनीति ?

प्रिय पाठकों,

आप में से बहुत से लोग बैंकिंग क्षेत्र में नौकरी के लिए प्रयासरत हैं, अब आईबीपीएस पीओ परीक्षा के लिए आवेदन चल रहे हैं और यह लक्ष्य प्राप्ति का एक अच्छा अवसर है. लेकिन इसके लिए कड़ी मेहनत के साथ-साथ एक पूर्ण एवं कुशल रणनीति भी आवश्यक है. आईबीपीएस पीओ की प्रारंभिक परीक्षाएं 16 अक्टूबर से शुरू होने वाली हैं अतः आपके पास एक महीने से थोड़ा ही अधिक समय शेष बचा है.

IBPS PO 2016 – रीजनिंग के लिए क्या हो बेहतर रणनीति ? | Bankersadda Hindi_1.1
क्या आप रणनीतिक रूप से तैयार हैं ?
क्या आपके पास रीजनिंग के लिए कोई योजना है ?


रीजनिंग का भाग संपूर्ण परीक्षा में निर्णायक साबित हो सकता है और एसबीआई पीओ परीक्षा में हम ये देख भी चुके हैं. यह एक ट्रिकी भाग है और यदि आपके पास इसके लिए अच्छी योजना नहीं है तो ये बेहद घातक साबित हो सकता है. 

रीजनिंग में अंक हासिल करना न तो बहुत मुश्किल है और न ही आसान. हाँ अनेकार्थी एवं अस्पष्ट प्रकृति का होने के कारण कुछ के लिए यह बहुत आसान हो जाता है जबकि अन्य के लिए बेहद मुश्किल. तो रीजनिंग के लिए आपकी क्या योजना है.

अब हम इस परीक्षा में रीजनिंग की बेहतर तैयारी के लिए सहायक रणनीति की चर्चा करेंगे जो आपको अच्छे अंक दिलाने में सहायक होगी. आईबीपीएस पीओ प्रारंभिक परीक्षा में रीजनिंग सेक्शन 35 अंकों का या 35 प्रश्नों का होता है और साथ ही प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक चौथाई अंक की नेगेटिव मार्किंग होती है. तीनों सेक्शन्स के लिए मात्र एक घंटे का समय होता है. 
अब शेष बचे दिनों में रीजनिंग सेक्शन की बेहतर तैयारी के लिए आपको किन-किन विषयों या टॉपिक्स का अभ्यास करना चाहिए ?

आपको निम्नलिखित टॉपिक जरूर पढ़ने चाहिए :

IBPS PO 2016 – रीजनिंग के लिए क्या हो बेहतर रणनीति ? | Bankersadda Hindi_2.1
 Alphabets
 Blood Relation
 Alpha-Numeric-Symbol Series
 Coding-Decoding 
 Inequalities 
 Ranking and Direction
 Syllogism, 
 Data Sufficiency
 Machine Input-Output 
 Logical Reasoning, 
 Seating Arrangement and Puzzle
अब यदि आप Blood Relation, Coding-Decoding, Alpha-Numeric-Symbol Series and Inequalities  में खुद को बेहतर कर लेते हैं तो इन प्रश्नों में आप आसानी से अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं. बस आपको उनकी अवधारणा (concept) और लॉजिक समझकर अभ्यास करना है, इसके बाद इन टॉपिक्स के प्रश्नों में अंक प्राप्त करना किसी भी विद्यार्थी के लिए आसान हो जाता है. इनके साथ ही Alphabets and Ranking and Direction भी उतना मुश्किल नहीं है जितना हम सोचते हैं. इसके बाद परीक्षा देते हुए आपको पहले इन्हीं टॉपिक्स से सम्बंधित प्रश्न ढूंढकर पहले हल करना चाहिए. इन टॉपिक्स में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करना आपका लक्ष्य होना चाहिए. 
अब यदि Machine Input-Output and Syllogism की बात करें तो ये टॉपिक्स अधिक मुश्किल नहीं है लेकिन इनके प्रश्न ट्रिकी हो सकते हैं. लगातार अभ्यास से इन दोनों टॉपिक्स में भी अच्छे अंक हासिल किये जा सकते हैं. अतः इस समय आपको अधिक से अधिक अभ्यास करना चाहिए ताकि परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के विभिन्न प्रकारों को आप जान सकें.
Logical Reasoning, Seating Arrangement and Puzzles के विषय में कुछ निश्चित नहीं कहा जा सकता. केवल अभ्यास द्वारा ही इनसे सम्बंधित प्रश्नों को हल किया जा सकता है. अभी बचा हुआ समय इन प्रश्नों पर पकड़ बनाने के लिए पर्याप्त है बशर्ते आप पूर्ण समर्पण के साथ कड़ी मेहनत करने को तैयार हों. इन टॉपिक्स में Seating Arrangement तुलनात्मक रूप से  आसान है. इन टॉपिक्स से सम्बंधित प्रश्नों को हल करने के लिए आपको “right presence of mind” अर्थात “पूर्ण एकाग्रता” की आवश्यकता है. लगभग हर बार 4-5 प्रश्नों के साथ एक पज़ल पूछी जाती है और यदि आप इसे हल करने में सक्षम हैं तो उसके 4-5 अंक आपको तुरंत हासिल हो जाते हैं. लेकिन इसमें खुद को अधिक खपाने की जरुरत नहीं है क्योंकि हल करने के लिए अन्य प्रश्न भी हैं. यदि आपको ऐसा महसूस होता है कि ये आपका अधिक समय खा रहे हैं तो इन्हें छोड़कर अपना महत्वपूर्ण समय अन्य प्रश्नों या अन्य सेक्शन्स में लगाना बेहतर रहेगा.
अतः प्रतियोगियों को ये ध्यान रखना चाहिए कि किसी एक प्रश्न में बहुत अधिक समय नहीं लगाना चाहिए क्योंकि यह आपका कीमती समय ख़राब ही करेगा. इसके साथ ही टेस्ट सीरीज़ के माध्यम से अभ्यास करना बेहद लाभदायक रहेगा क्योंकि अच्छी पढाई के साथ ही परीक्षा के वास्तविक माहौल के अनुसार परीक्षा का सामना करना आपको अपनी कमजोरियों और मजबूत पक्ष के विश्लेषण में सहायता प्रदान करेगा जिससे अपने कमजोर पक्ष पर आप अधिक काम कर सकते हैं. इसके साथ ही टेस्ट सीरीज़ द्वारा अभ्यास से आप अपना समय प्रबंधन का गुण भी और अधिक विकसित कर सकते हैं.
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