प्रिय साथियों,
आज हिंदी दिवस है.
हमारे प्यारे राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने, राष्ट्रीय आंदोलन की अलख जगाने के लिए और उसमें शामिल होने
के लिए हिंदी को माध्यम बनाकर ही पूरे देश तक अपनी आवाज
पहुंचाई थी.
हमारे प्यारे राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने, राष्ट्रीय आंदोलन की अलख जगाने के लिए और उसमें शामिल होने
के लिए हिंदी को माध्यम बनाकर ही पूरे देश तक अपनी आवाज
पहुंचाई थी.
बचपन से हम ‘हिंदी हमारी राजभाषा है’ पढ़ते आ रहे हैं. लेकिन हमारी अपनी भाषा हिन्दी
का हाल कुछ ऐसा ही है जिसे सम्मान दिलाने के लिए हर साल रस्म अदायगी की तरह हिन्दी
पखवाड़े, राजभाषा दिवस, हिन्दी दिवस जैसे आयोजन करने पड़ रहे हैं. यह आयोजन हमें आयोजन की तरह न लगकर
आडंबर की तरह लगते हैं क्योंकि हमारे पूरे भाषायी कर्मकांड में हिन्दी केवल दिखावा
मात्र है. हम हिन्दी न जीना चाहते हैं, न हिन्दी करना चाहते हैं, इसलिए हिन्दी आज ‘बेचारी हिन्दी’है.
का हाल कुछ ऐसा ही है जिसे सम्मान दिलाने के लिए हर साल रस्म अदायगी की तरह हिन्दी
पखवाड़े, राजभाषा दिवस, हिन्दी दिवस जैसे आयोजन करने पड़ रहे हैं. यह आयोजन हमें आयोजन की तरह न लगकर
आडंबर की तरह लगते हैं क्योंकि हमारे पूरे भाषायी कर्मकांड में हिन्दी केवल दिखावा
मात्र है. हम हिन्दी न जीना चाहते हैं, न हिन्दी करना चाहते हैं, इसलिए हिन्दी आज ‘बेचारी हिन्दी’है.
इसके बावजूद अब
हिंदी के लिए सकारात्मक ठंडी बयार बहती दिख रही है जो बेहद सुकून देने वाली है.
वैसे तो हिन्दी से हम कभी इतने दूर भी नहीं हुए थे, लेकिन मौजूदा वक्त में जिस तरह और जिन लोगों द्वारा हिन्दी का इस्तेमाल किया
जा रहा है, उसने युवाओं के बीच हिन्दी को ‘कूल‘ बना दिया है. साहित्य, सिनेमा, विज्ञापनों में हिन्दी पहले भी थी, लेकिन धीरे-धीरे उसे अंग्रेजी के तड़के के बगैर, एकदम देसी लिबास में पसंद किया जा रहा है.
हिंदी के लिए सकारात्मक ठंडी बयार बहती दिख रही है जो बेहद सुकून देने वाली है.
वैसे तो हिन्दी से हम कभी इतने दूर भी नहीं हुए थे, लेकिन मौजूदा वक्त में जिस तरह और जिन लोगों द्वारा हिन्दी का इस्तेमाल किया
जा रहा है, उसने युवाओं के बीच हिन्दी को ‘कूल‘ बना दिया है. साहित्य, सिनेमा, विज्ञापनों में हिन्दी पहले भी थी, लेकिन धीरे-धीरे उसे अंग्रेजी के तड़के के बगैर, एकदम देसी लिबास में पसंद किया जा रहा है.
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
का हिन्दी में बात करना, भाषण देना भी हिन्दी की लोकप्रियता को बढ़ा रहा
है. एक विद्वान का कहना है कि “मोदी शायद पहले
पीएम हैं, जिन्हें अंग्रेजी बहुत अच्छे से नहीं आती और
इसे वह ‘छिपाते‘ नहीं हैं. पहले के प्रधानमंत्री भी हिन्दी में बोलते थे, लेकिन वह अंग्रेजी में भी सहज थे. यह कहीं न
कहीं लोगों तक यह बात पहुंचाता है कि सिर्फ हिन्दी से भी काम बन सकता है. देश का
सबसे बड़ा नेता अगर हिन्दी में अपनी बात रख सकता है तो फिर हम क्यों नहीं.”
का हिन्दी में बात करना, भाषण देना भी हिन्दी की लोकप्रियता को बढ़ा रहा
है. एक विद्वान का कहना है कि “मोदी शायद पहले
पीएम हैं, जिन्हें अंग्रेजी बहुत अच्छे से नहीं आती और
इसे वह ‘छिपाते‘ नहीं हैं. पहले के प्रधानमंत्री भी हिन्दी में बोलते थे, लेकिन वह अंग्रेजी में भी सहज थे. यह कहीं न
कहीं लोगों तक यह बात पहुंचाता है कि सिर्फ हिन्दी से भी काम बन सकता है. देश का
सबसे बड़ा नेता अगर हिन्दी में अपनी बात रख सकता है तो फिर हम क्यों नहीं.”
सरकार भी हिन्दी को बढ़ावा देने के लिए तमाम प्रयास कर रही है. इसका एक
उदाहरण इसी साल तब देखने को मिला, जब सरकार ने अपने एक आदेश के ज़रिये सभी केंद्रीय मंत्रालयों को साफ तौर पर
कहा कि हिन्दी अखबार में किसी भी मंत्रालय का अंग्रेजी विज्ञापन न छापा जाए. साथ
ही हर मंत्रालय यह स्पष्ट करे कि वह अपने फंड का कितना हिस्सा हिन्दी के बढ़ावे के
लिए रख रहा है. इधर ट्विटर पर भी हिन्दी हैशटैग ने ट्रेंडिग लिस्ट में अपनी जगह
बनानी शुरू कर दी है. 2015
में ट्विटर ने
हिन्दी में हैशटैग की शुरुआत की और पिछले ही साल जब विश्वकप के दौरान भारत ने
पाकिस्तान को हराया तब #जयहिन्द ट्विटर पर ट्रेंड करने वाला पहला
हिन्दी हैशटैग बना. इसके कुछ दिन बाद #हरहरमहादेव ने भी ट्रेंडिंग लिस्ट में जगह बनाई.
उदाहरण इसी साल तब देखने को मिला, जब सरकार ने अपने एक आदेश के ज़रिये सभी केंद्रीय मंत्रालयों को साफ तौर पर
कहा कि हिन्दी अखबार में किसी भी मंत्रालय का अंग्रेजी विज्ञापन न छापा जाए. साथ
ही हर मंत्रालय यह स्पष्ट करे कि वह अपने फंड का कितना हिस्सा हिन्दी के बढ़ावे के
लिए रख रहा है. इधर ट्विटर पर भी हिन्दी हैशटैग ने ट्रेंडिग लिस्ट में अपनी जगह
बनानी शुरू कर दी है. 2015
में ट्विटर ने
हिन्दी में हैशटैग की शुरुआत की और पिछले ही साल जब विश्वकप के दौरान भारत ने
पाकिस्तान को हराया तब #जयहिन्द ट्विटर पर ट्रेंड करने वाला पहला
हिन्दी हैशटैग बना. इसके कुछ दिन बाद #हरहरमहादेव ने भी ट्रेंडिंग लिस्ट में जगह बनाई.
विज्ञापनों से अलग, साहित्य में भी हिन्दी ने एक नए तरह से वापसी
की है. हिन्दी साहित्य को ‘गंभीरता‘ और ‘क्लिष्ट‘ होने का तमगा देने वालों के सामने अब ‘नई वाली हिन्दी‘ आ गई है. इसके साथ-साथ तकनीक का सहारा भी
हिन्दी को पुनर्जीवित कर नई ऊचाईयां दे रहा है. आज हिन्दी का भरपूर प्रयोग न केवल
सोशल साइट्स पर किया जा रहा है बल्कि तमाम वेब पोर्टल्स, ऑनलाइन पत्र-पत्रिकाएं, ब्लॉग आदि उपलब्ध हैं. विभिन्न परीक्षाओं के
लिए अध्ययन सामग्री भी अब ऑनलाइन उपलब्ध हो रही है.
की है. हिन्दी साहित्य को ‘गंभीरता‘ और ‘क्लिष्ट‘ होने का तमगा देने वालों के सामने अब ‘नई वाली हिन्दी‘ आ गई है. इसके साथ-साथ तकनीक का सहारा भी
हिन्दी को पुनर्जीवित कर नई ऊचाईयां दे रहा है. आज हिन्दी का भरपूर प्रयोग न केवल
सोशल साइट्स पर किया जा रहा है बल्कि तमाम वेब पोर्टल्स, ऑनलाइन पत्र-पत्रिकाएं, ब्लॉग आदि उपलब्ध हैं. विभिन्न परीक्षाओं के
लिए अध्ययन सामग्री भी अब ऑनलाइन उपलब्ध हो रही है.
बैंकर्स अड्डा भी
हिन्दी के लिए अपना योगदान दे रहा है. हम पहले से ही तीन हिंदी वेबसाइट के माध्यम
से एसएससी और बैंकिंग परीक्षाओं से संबंधित अध्ययन सामग्री आपको हिंदी में उपलब्ध
करा रहे हैं. ये हैं :-
हिन्दी के लिए अपना योगदान दे रहा है. हम पहले से ही तीन हिंदी वेबसाइट के माध्यम
से एसएससी और बैंकिंग परीक्षाओं से संबंधित अध्ययन सामग्री आपको हिंदी में उपलब्ध
करा रहे हैं. ये हैं :-
अब हिन्दी दिवस पर
हमने हिन्दी के लिए अपना योगदान और अधिक बढ़ाने का फैसला किया है. इसके तहत ही हमने
अपनी एप को अंग्रेजी के साथ हिंदी में भी उपलब्ध कराया है. अब इन परीक्षाओं से
संबंधित अद्यतन (अपडेट) और उत्कृष्ट अध्ययन सामग्री आपको हमारी ‘एप Adda247’ पर हिन्दी में सहज ही उपलब्ध है. यह हमारी ओर
से हिन्दी के अभ्यर्थियों को एक भेंट है.
हमने हिन्दी के लिए अपना योगदान और अधिक बढ़ाने का फैसला किया है. इसके तहत ही हमने
अपनी एप को अंग्रेजी के साथ हिंदी में भी उपलब्ध कराया है. अब इन परीक्षाओं से
संबंधित अद्यतन (अपडेट) और उत्कृष्ट अध्ययन सामग्री आपको हमारी ‘एप Adda247’ पर हिन्दी में सहज ही उपलब्ध है. यह हमारी ओर
से हिन्दी के अभ्यर्थियों को एक भेंट है.
इसके साथ ही अब हम
अंग्रेजी में प्रकाशित होने वाली, एसएससी एवं बैंकिंग परीक्षा की तैयारी के लिए प्रसिद्ध अपनी मासिक पत्रिका “कम्पटीशन पॉवर” को भी हिन्दी में ला रहे हैं. जी हाँ “कम्पटीशन पॉवर” का नवंबर अंक आपको अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी
में भी उपलब्ध होगा. हमारी राजभाषा हिन्दी के लिए हिन्दी दिवस पर इसे हम हिन्दी दिवस और आप सबको
समर्पित कर रहे हैं.
अंग्रेजी में प्रकाशित होने वाली, एसएससी एवं बैंकिंग परीक्षा की तैयारी के लिए प्रसिद्ध अपनी मासिक पत्रिका “कम्पटीशन पॉवर” को भी हिन्दी में ला रहे हैं. जी हाँ “कम्पटीशन पॉवर” का नवंबर अंक आपको अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी
में भी उपलब्ध होगा. हमारी राजभाषा हिन्दी के लिए हिन्दी दिवस पर इसे हम हिन्दी दिवस और आप सबको
समर्पित कर रहे हैं.
‘आप सबको हिन्दी दिवस की बहुत–बहुत शुभकामनाएं’




