आज विश्व भर में जिसकी चर्चा अपने चरम पर है उससे आप और हम सभी बखूबी वाकिफ़ हैं पी.वी. सिन्धु जिनका पूरा नाम – पुसरला वैंकट सिन्धु है , रियो ओलंपिक में जिन्होंने अपना लोहा मनवाया है, हैदराबाद की रहने वाली पी.वी सिन्धु दूसरी ऐसी खिलाड़ी है जिनके माता या पिता भी एक ओलंपिक खिलाडी रह चुके, पी.वी सिन्धु के पिता पी.वी रामन भी एक ओलंपियन रह चुके है वह एक वोलीबाल खिलाडी है ।
हैदराबाद में जन्मी पी.वी. के करियर की शुरुआत महज 14 वर्षों में 2009 के जूनियर एशियाई बैडमिंटन चैम्पियनशिप से की वहां उन्होंने अपने जीवन का पहला कस्य जीता,उसके बाद सिन्धु में कभी भी पलट कर पीछे नही देखा, 2010 में फैज़र इंटरनेशनल चैम्पियनशिप में उन्होंने रजत पदक , 2012 में उन्होंने एशिया यूथ अंडर 19 का खिताब जीता, 2013 में मलेशियन ओपन में उन्होंने मेडेन ग्रैंड प्रिक्स गोल्ड का खिताब जीता, 2013-14 में हुए वर्ल्ड चैम्पियनशिप में उन्होंने कस्य पदक जीता , अभी हाल ही में हुए गुवाहाटी साउथ एशियन गेम्स में उन्होंने स्वर्ण पदक जीत कर अपने काबिलियत का परिचय दिया और आज जिस बात पर हम सभी भारतीयों का सिर गर्व से ऊँचा है रियो ओलंपिक 2016 में पी.वी. सिन्धु ने विश्व की नंबर एक खिलाड़ी से भिड कर अपनी प्रतिभा के आगे विश्व भर की नज़रों को टिका दिया, तो क्या हुआ जो हम गोल्ड नहीं ला पाए हमारे लिए तो सिन्धु और साक्षी जैसी खिलाडी उस सोने के गोल्ड से कही ज्यादा है,
बैंकर्स अड्डा की पूरी टीम और अपने सभी पाठकों की ओर से पी.वी. सिन्धु की इस अविस्मरणीय और अभूतपूर्व सफलता पर अनेकोनेक शुभकामनाएं और बधाई देती है ….
हमें आप पर गर्व है सिन्धु और साक्षी
आप हमारे लिए उस गोल्ड मेडल से कही ज्यादा कीमती हैं … !!!!!!



