हेलो एस्पिरेंट्स, इस लेख में हम सौम्या बख्शी की सफलता की कहानी प्रकाशित करने जा रहे हैं। सौम्या को बैंक ऑफ महाराष्ट्र में स्केल 2 अधिकारी के रूप में चुना गया है। हम आपको सौम्या बख्शी द्वारा कही गयी उनकी सफलता की यात्रा की कहानी बताने जा रहे हैं।
सौम्या बख्शी की सफलता की कहानी
मेरा नाम सौम्या बख्शी है।
मैंने हाल ही में बैंक ऑफ महाराष्ट्र (BOM) के स्केल 2 (प्रबंधक) परीक्षा के लिए क्वालीफाई किया है।
वर्तमान में, मैं बैंक ऑफ बड़ौदा वैश्विक व्यापार सेवा (Bank of Baroda global trade service) के साथ कार्य कर रही हूँ। यह बैंक ऑफ बड़ौदा की सहायक कंपनी है, और इससे पहले मैं आईसीआईसीआई बैंक में कार्यरत थी।
मैं साल 2015 से आईबीपीएस परीक्षा की तैयारी कर रही थी और मैंने अपनी तैयारी के चरण में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं और मैंने RRB PO, IBPS प्रीलिम्स और मेन्स जैसी कुछ परीक्षाएं भी क्लीयर की है, लेकिन अंतिम मेरिट लिस्ट में अपना नाम नहीं बना सकी। साल 2018 में मैंने आईसीआईसीआई बैंक की परीक्षा पास की और PGDB के लिए मणिपाल गयी थी।
इस बीच मैंने कई क्लासेज लिए लेकिन मेरा मन अभी भी आईबीपीएस में ही अटका हुआ था। मेरी स्पीड और एक्यूरेसी पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी थी और साल 2019 तकरीबन खत्म हो चुका था। इत्तेफ़ाक से मेरे लिए आईसीआईसीआई के माध्यम से मौका मिला जिसके चलते मुझे अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग विभाग में कार्य करने का मौका मिला। वहां मैं अपने विभाग को कैसे संभालना है, यही सीख रही थी।
आपको एक बात बताना भूल गयी कि मैं अंग्रेज़ी में बहुत कमज़ोर हूं इसका मतलब है कि मुझे नहीं पता कि कैसे बात करनी है या एक वाक्य को कैसे तैयार करना है, केवल इसी वजह से मैं अपना पहला आईसीआईसीआई साक्षात्कार क्लीयर नहीं कर पायी। क्योंकि मैं अंग्रेज़ी बोलने में सक्षम नहीं थी, G.D. में कुल 2 छात्रों को खारिज़ कर दिया गया था और उन्हीं में से एक मैं थी। साल 2019 खत्म हुआ, 2020-2021 COVID युग हमें वर्क फ्रॉम होम करने के लिए कहा गया था। मैंने अपने रूममेट को अपनी कहानी सुनाई कि मैंने पीओ की परीक्षा पास कर ली थी और साक्षात्कार नहीं क्लीयर हुआ। तो मेरी रूममेट ने कहा कि, ‘सौम्या आप बेवकूफ हैं, आप यहां क्या कर रही हैं, आपको अपनी तैयारी शुरू करनी चाहिए थी।
इसलिए मैंने जीरो लेवल से अपनी तैयारी फिर से शुरू की, सचमुच जीरो लेवल से मैंने टेबल और क्यूब्स सीखना शुरू किया। अंग्रेजी के लिए मेरे बॉस और मेरे काम से मुझे बहुत मदद मिलती है। अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग की तरह, हमें नियमित रूप से विदेशी बैंकों से बात करनी होती है। दिन-ब-दिन मैंने किसी भी चर्चा के लिए कोटेशन पर दैनिक अपडेट के लिए विदेशी बैंकों को फोन किया। मुझे याद है पहले दिन मेरे बॉस ने मुझसे कहा था कि सौम्या आप नहीं जानते कि कैसे संवाद करना है आप अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग समूह में कैसे कार्य कर सकती हैं, यहाँ केवल हम लोगों को B स्कूल के लोगों को चुनते हैं। उस दिन मैंने फैसला किया कि मुझे किसी भी तरह से अच्छी अंग्रेज़ी सीखना है इसके लिए मुझे निजी क्षेत्रों में काम करना है।
2021: मैंने पुनः तैयारी शुरू की। मेरे सामने आरआरबी स्केल 2 परीक्षा थी, इसीलिए मैंने परीक्षा के लिए 2 सप्ताह की छुट्टियां लीं। मैंने कड़ी तैयारी शुरू की और Adda247 द्वारा प्रदान किए गए कई क्विज़, मॉक टेस्ट वीडियो लेक्चर से गुजरी और परिणाम फिर से शून्य रहा, मैं फिर से एक साक्षात्कार के लिए क्वालीफाई नहीं कर पायी।
फिर मैंने फैसला किया कि मैं अब मैं कोई परीक्षा नहीं दूंगी, मुझे आईआईबीएफ प्रमाणन (IIBF certification) पर ध्यान केंद्रित करना होगा, शायद यह मेरे करियर के विकास के लिए अच्छा होगा। मैं रीजनिंग, मैथ या फिर से वही सब देखकर थक चुकी थी, और भीतर से मन कहता कि, ‘थैंक यू .. आप शॉर्टलिस्ट नहीं हुई हैं ‘।
मुझे वह शब्द याद है जो मैंने मैं परीक्षा हॉल से लौटने के बाद अपनी माँ से कही थी कि, ‘मेरी किस्मत में सरकारी नौकरी लिखा ही नहीं है।
फरवरी 2022: मैंने बैंक ऑफ महाराष्ट्र की परीक्षा दे दिया। मुझे यकीन था कि मैं शार्टलिस्ट नहीं होने वाली, लेकिन कल जब ऑफिस से 10 बजे घर जा रही होउंगी तो ये तो नहीं सोचूंगी कि थोड़ा और पढ़ लिया होता तो आज 10 नहीं बजते।
फिर से परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। डेस्कटॉप के सभी टैब में Adda247 के PDF खोले रखती थी, और जब भी समय मिलता पढाई शुरू कर देती थी।
वह दिन आ गया जब मैं इंटरव्यू के लिए चुनी गयी और फिर अंततः परिणाम वाला दिन आ गया….. मैं पूरी तरह से चौंक गयी थी।
तकरीबन 50 बार मैंने पीडीएफ को देखा कि, पीडीएफ में मेरा ही नाम है ना?
अतुलनीय समर्थन के लिए Bankersadda टीम का बहुत-बहुत धन्यवाद, आप लोगों के बिना यह संभव नहीं होता।
यदि आप अपनी सफलता की कहानी साझा करना चाहते हैं, तो आप इसे blogger@adda247.com पर साझा कर सकते हैं।



